रांची
झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज पीसी कर कहा कि हम किसी भी सूरत में वन नेशन वन इलेक्शन को नहीं मानने वाले हैं। सुप्रियो ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन के सहारे बीजेपी चुनाव की पूरी प्रक्रिया को दूषित करना चाहती है। यही बीजेपी निर्वाचित सरकारों के अधिकारों को काटती है, सरकारों को तोडने का काम करती है, दल को तोड़ती है और अपने साथ ले लेती है। इसके लिए बीजेपी नेताओं की खरीद-फरोख्त करती है। उनको प्रलोभन देती है। उनको सत्ता पर बिठा देती है या उन पर मुकदमा लाद देती है। कहा कि बीजेपी की मुख्य स्त्रो है आरएसएस, जो मनुवाद की सोच पर चलता है। कहा कि हेडगवार को मानने वाले लोग अब गांधी के देश को बर्बाद करने पर तुले हैं।

भट्टाचार्य ने कहा, वन नेशन वन इलेक्शन अधिनायकवाद को स्थापित करता है। बीजेपी जिस तरह से आगे बढ़ रही है, उससे लग रहा है कि वह संविधान बदलने की नीयत के साथ चल रही है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने आगे कहा, वन नेशन वन इलेक्शन के सहारे संविधान बदलने की पटकथा लिखी जा रही है। कहा कि इससे देश में अधिनायकवाद स्थापित होगा, जो जन आकांक्षाओं पर सीधा हमला करेगा। उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के 100 दिन बीतते ही वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी तिथि भी 2029 चुनी गई है। कहा कि इस प्रस्ताव से देश के कम से कम 25 लाख जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर हमला किया गया है। भट्टाचार्य ने कहा कि एक तरह से ये वन नेशन वन इलेक्शन आदिवासी परंपरा पर भी कुठाराघात करने वाला साबित होगा।

जेएमएम नेता ने आरोप लगया कि बीजेपी चुनी हुई सरकारों को तोड़ती है। इसमें सफल नहीं होने पर झूठे मुकदमे लादकर अपनी सरकार बना लेती है। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार के इस प्रस्ताव को कभी सहन नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी हर जगह चुनाव हार रही है। लेकिन चुनाव हारने के बाद भी अपना शासन थोपना चाहती है। कहा कि पीएम भूत की चर्चा करते हैं और भूत भगाने के लिए भी लोग आ जाते हैं। अभी झारखंड में गृहमंत्री भी आने वाले हैं पर बीजेपी को इस बार कोई नहीं बचा सकता। भट्टाचार्य ने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर किसने कह दिया कि एक साथ चुनाव से वोटिंग प्रतिशत बढ़ जाएगा। कहा बीजेपी ये झूठी दलीलें देना बंद करे।
